संयुक्त राष्ट्र:   भारत ने आतंक के सरगना मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित न करने को लेकर  संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद पर निशाना साधा है और कड़ी नाराजगी व्यक्त की है. भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद कि आलोचना करते हुए कहा है यह संस्था समय और जरुरत के हिसाब से गैरजिम्मेदार और लापरवाह हो गई है. बता दें कि भारत पिछले 6 महीने से मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्दारा प्रतिबंधित कराने की कोशिश कर रहा है, जबकि चीन उसकी इस कोशिश में अड़गा लगा दे रहा है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि अकबरुद्दीन ने कहा मसूद अजहर और उसके संगठन जैश-ए –मोहम्मद पर बैन लगाने को लेकर सुरक्षा परिषद पिछले 6 महीने से विचार कर रहा है और अभी तक कोई फैसला नहीं ले पाया है.

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उन्होने कहा सुरक्षा परिषद का मुख्य मकसद शांति और सुरक्षा बनाए रखना था लेकिन यह संस्था बेअसर हो गई है. उन्होने कहा कि 6 महीने का समय मिला था बावजूद इसके संयुक्त राष्ट्र इसपर फैसला नहीं कर पाया कि मसूद अजहर  को प्रतिबंधित करना है, वह आगे तीन महीने का समय और देती है. भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद पर भेदभाव करने का आरोप लगाया. अकबरुद्दीन ने कहा उन संगठनों के नेताओं को प्रतिबंधित करने में इतना समय लग रहा है जिनको संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने खुद ही आतंकी इकाईयां घोषित किया है.