सिडनी. 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आपको ऐसी बात बताने जा रहे है जिसे सुनकर को भी भारतीय गौरवांवित महसूस करेगा. भारतीय विश्व के किसी भी कोने में रहे लेकिन उनमें एक खासियत जो उन्हें दूसरे से अलग करती है वह है कड़ी मेहनत.
 
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रिपोर्ट्स के मुताबित ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले प्रवासी भारतीय सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे कम्युनिटीज है. ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि एक रिसर्च में ये बात सामने आई है.
 
समाचार पत्र ‘Pehchan’ के संपादक उमर अमीन के मुताबिक सीमा सुरक्षा और आप्रवासन विभाग के मुताबिक भारत कम्युनिटीज के 54.6% लोग ऐसे हैं जिन्होंने Bacheolar डिग्री के साथ उच्च शिक्षा की डिग्री प्राप्त की है. वहीं ऑस्ट्रेलिया इनके मुकाबले काफी कम है, 2011 की जनगणना के मुताबिक इनकी राष्ट्रीय औसत सिर्फ 17.2% है. दोनों की तुलना करें तो ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले  के मुकाबले भारतीय की संख्या तीन गुना ज्यादा है.
 
बता दें कि मेलबर्न के उर्दू अखबार के विश्लेषण ‘Pehchan,’ सभी काउंटी(राज्य) के आधार पर यह बात सामने आई है. यह रिसर्च ऑस्ट्रेलिया के बीस सबसे बड़ा प्रवासी समुदायों के बीच का अनुपात है. इन सभी समुदायों के मुकाबले भारतीयों की प्रतिशत तीन गुणा ज्यादा है.
 
बता दें कि रिसर्च में अमेरिकी 52.2%  स्नातक या उच्च योग्यता के साथ दूसरे स्थान पर है. Pehchan की उमर अमीन ने एक और विश्लेषण करते हुए कहा कि भारत से प्रमुख धर्मों ने ऑस्ट्रेलिया की ओर पलायन किया है. जिसमें हिन्दू 88.1% फीसदी के साथ   शीर्ष पर है.जबकि सिख धर्म 85.9% के साथ इस सूची में दूसरे नंबर पर है. 
 
इस रिसर्च में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है कि हिंदी बोलने  47.5% स्टूडेंट ने स्नातक और उच्च योग्यता धारण कर इस श्रेणी में नंबर एक पर जगह बनाई है वहीं फिलिपिनो भाषा बोलने वाले जिसका आबादी में 49.5% है उसी साल अपनी योग्यता दर्ज कराया.