नई दिल्ली. यूरोपीय यूनियन और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन में बलूचिस्तान के प्रतिनिधि मेहरान मर्री ने बलूचिस्तान में पाकिस्तान की दखल को लेकर जबरदस्त हमला किया है. मर्री ने पकिस्तान पर पीओके में तानाशाही करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि मैं संयुक्त राष्ट्र में बलूचिस्तान के मुद्दे को उठाउंगा. बता दें कि मेहरान मर्री पीओके के बलूचिस्तान के रहने वाले हैं.
 
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मर्री ने कहा कि बलूचिस्तान के हालात काफी गंभीर है. बलूचिस्तान में पाकिस्तानी आर्मी का अभियान बेरोक-टोक जारी है, जोकि पीओके की जनता पर काफी अत्याचार कर रही है. मर्री ने नवाज शरीफ को बलूचिस्तान के हालात का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि जब से पाकिस्तान में शरीफ की सरकार बनी है. तब से बलूच की जनता पर सेना के अत्याचार बढ़ गए है. सेना कभी भी युवाओं का अपहरण कर लेती है.
 
बलूचिस्तान में आर्मी की तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाने वालों को सेना या तो अपहरण कर लेती है या मार दिया जाता है. मेहरान मर्री ने आगे कहा कि पाकिस्तान मेरे जैसे लोगों को डराता रहता है ताकि पाकिस्तान के बदतर अंदरुनी हालात और मानवाधिकार उल्लंघन की कहानी संयुक्त राष्ट्र को ना बता दूं.
 
चीन के पीओके में बढ़ते हस्तक्षेप पर बोलते हुए मर्री ने कहा कि चीन बलूचिस्तान के लोगों, राष्ट्रीयता और संसाधनों के लिए पाकिस्तान से भी बड़ा खतरा है. चीन तेजी से पीओके में अपने पैर पसारता जा रहा है, हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इम गंभीर मामले में हस्तक्षेप की अपील करते हैं.