काठमांडू. नेपाल में एक बार फिर सियासी संकट गहराता नजर आ रहा है. प्रधानमंत्री केपी ओली के नेतृत्व वाली सरकार से कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल ने समर्थन वापस ले लिया है, जिससे ओली सरकार अल्पमत में आ गई है.
 
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सीपीएन माओवादी पार्टी के अध्यक्ष प्रचण्ड ने मंगलवार को समर्थन वापस लेने की घोषणा की है. उनका कहना है कि उनकी पार्टी सरकार से समर्थन वापस ले लिया क्योंकि ओली की पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ नेपाल (यूएमएल) दोनों दलों के बीच मई में हस्ताक्षरित नौ बिंदुओं के समझौते और नेतृत्व परिवर्तन के समझौते को लागू करने में झिझक रही है.
 
एक महीने पहले भी प्रचंड ने ओली सरकार से समर्थन वापसी की घोषणा की थी, लेकिन अचानक ही अपने फैसले से पलट गए थे. प्रचंड की पार्टी संसद में तीसरी बड़ी पार्टी है. 
 
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फिलहाल यह तय हुआ है कि ओली प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगे. देश में आम चुनाव के बाद पिछले वर्ष नवम्बर माह में नेपाली कांग्रेस के सुशील कोइराला की सरकार को विस्थापित कर ओली, प्रचंड व एक दर्जन से अधिक पार्टियों के समर्थन के बाद प्रधानमंत्री बने थे.