लंदन. इराक युद्ध पर जारी ब्रिटिश जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 2001 में भारतीय संसद पर आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित परमाणु युद्ध छिड़ सकता था. इतना ही नहीं रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि उस वक्त ब्रिटेन ने दोनों देशों को समझा-बुझाकर सैन्य टकराव को रोका था.
 
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बता दें कि भारतीय संसद पर पाक आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने हमला किया था. इसमें नौ सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी.
 
तत्कालीन विदेश मंत्री स्ट्रॉ का खुलासा
तत्कालीन ब्रिटिश विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने शिलकॉट जांच आयोग के समक्ष गवाही के दौरान यह खुलासा करते बताया था कि 13 दिसंबर 2001 में इस्लामिक आतंकियों ने दिल्ली में लोकसभा पर हमला कर दिया था, इसके बाद दोनों देशों के बीच परमाणु युद्ध जैसे हालात बन गए थे. क्योंकि हमारा सारा ध्यान अफगानिस्तान की तरफ था इस वजह से हमने भारत पाकिस्तान को बहला-फुसलाकर युद्ध ना करने के लिए मना लिया.
 
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अमेरिका-ब्रिटेन दोनों को चिंता
इसके अलावा स्ट्रा ने यह भी बताया कि दोनों देशों के बीच यह सैन्य टकराव ब्रिटेन और अमेरिका दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया था. उन्होंने बताया कि इतने गंभीर क्षेत्रीय टकराव को रोकने का अमेरिका-ब्रिटेन का संयुक्त प्रयास उस बहुत करीबी संबंध की बुनियाद बना था, जो मैंने अमेरिका के विदेश मंत्री जनरल कॉलिन पॉवेल के साथ विकसित किए थे. जिसे ब्रिटिश व अमेरिकी सरकारों ने हस्तक्षेप कर टाल दिया.