बीजिंग. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि भारत को बुनियादी ढांचा में अंतर को पाटने के लिये अगले 10 साल में 1500 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत है. सरकार ने बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण योजना के तहत 2019 तक सात लाख गांवों को सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य रखा है. एआईआईबी के निदेशक मंडल की बैठक में भाग लेने के लिए चीन आए जेटली ने कहा कि हम वैश्विक नरमी के दौर में सतत वृद्धि हासिल करने में कामयाब रहे हैं और इसका कारण भारत में बुनियादी ढांचा निर्माण है जहां अंतर काफी अधिक है. 
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
जेटली ने कहा कि अगले दशक में हमें बुनियादी ढांचा के अंतर को दूर करने के लिए 1500 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत है. कीमतों में कमी के कारण हमारे पास जो अतिरिक्त संसाधन है, हम उसका भी उपयोग कर रहे हैं. बुनियादी ढांचा और वैश्विक आर्थिक वृद्धि पर आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में सात लाख गांव हैं और हमारा इरादा 2019 तक इन्हें एक-दूसरे से जोड़ना है तथा इसके लिए बड़े पैमाने पर निवेश की जरूरत है.  
 
Stay Connected with InKhabar | Android App | Facebook | Twitter
 
वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि इस साल राजमार्ग निर्माण के संदर्भ में ही हमारा लक्ष्य 10,000 किलोमीटर है. हमारी रेल प्रणाली 100 साल पुरानी है. हम बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण के लिये कदम उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार रेलवे स्टेशन को वाणिज्यिक केंद्रों में बदलने के लिये निजी क्षेत्र की भागीदारी पर जोर दे रही है. जेटली ने कहा कि सरकार की और हवाईअड्डे, समुद्री बंदरगाह के निर्माण की योजना है.