इस्लामाबाद. पाकिस्तना के लिए सबसे बड़ा खतरा आतंकवाद नहीं है बल्कि भारत है. यह खुद पाकिस्तानी सेना का कहना है. पाक सेना के शीर्ष अधिकारी का कहना है कि अगर सुरक्षा का ध्यान रखना है तो उसे अपनी रक्षा प्रणाली को भारत में ध्यान रखकर बनानी होगी.
 
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पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता असीम बाजवा ने गुरुवार को कहा कि भारत से बातचीत करने की कोशिशें हो रही हैं. उन्होंने कहा, ‘हालांकि कश्मीर का पुराना लंबित मामला दोनों देशों के बीच तनाव का कारण है.’ एक इंटरव्यूए में उन्होंने कहा कि देश की रक्षा प्रणाली ‘भारत आधारित’ है.
 
पाक के चैनल ने बाजवा हवाले से कहा, ‘ऐसा इसलिए है क्योंकि पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए भारत सबसे बड़ा खतरा है.’ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर भी आरोप लगाया कि वे पाकिस्तान को पर्याप्त सहयोग नहीं कर रहे हैं. इंटर-सर्विस पब्लिक रिलेशंन्सत (आईएसपीआर) के महानिदेशक बाजवा ने कहा, ‘मैं कहूंगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने हमारे साथ पर्याप्त सहयोग नहीं किया.’
 
बाजवा ने हाल में पाकिस्तान में हुए अमेरिकी ड्रोन हमले की भी आलोचना की, जिसमें तलिबान प्रमुख मुल्ला अख्तर मंसूर मारा गया था. उन्हों ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण था क्योंकि अमेरिका का सहयोगी होने के बावजूद पाकिस्तान को इसकी सूचना नहीं दी गयी और मंसूर अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया का हिस्सा था.
 
बाजवा ने कहा, ‘मंसूर ने दूसरे राष्ट्र से पाकिस्तान में प्रवेश किया, फिर उसे खोजा गया और हमला किया गया. वह मेल-मिलाप प्रक्रिया का हिस्सा था और उसे शांति प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभानी थी. सहयोगी होने के बावजूद पाकिस्तान को सूचना नहीं दी गयी. पाकिस्तान इस बात का विरोध रहा है.
 
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पाकिस्तान ने आतंकवाद से लड़ने के लिए काफी कुछ किया है, लेकिन पश्चिम द्वारा यह आरोप लगाया जाना कि पाकिस्तानी सेना आतंकवादियों के खिलाफ समुचित प्रयास नहीं कर रही है, खिन्नर करने वाला और असंगत है.’