फ्लोरिडा. अमेरिका के फ्लोरिड़ा में नाइटक्लब में हुए आतंकी हमले को राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नरसंहार करार दिया है. उन्होंने हमले की कड़ी निंदा करार देते हुए कहा कि अमेरिकी समाज पर आतंकवादी हमला है. आतंकी संगठन आईएसआईएस ने हमले की जिम्मेदारी ली है. बता दें कि नाइटक्लब में रविवार को हुई गोलीबारी में कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई और 53 अन्य घायल हो गए. इस हमले की जानकारी ऑरलैंडो के मेयर बडी डायर ने दी. 
 
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ओबामा ने क्या कहा
ओबामा ने कहा कि जांच के बाद और तथ्य निकलकर सामने आएंगे. एफबीआई इस पर काम रही है. हमने अधिकारियों को बोल दिया है कि जिस भी तरह की जरूरत होगी, उनको उपलब्ध कराई जाए. हर मौत हमारे लिए दुखद है. हम इसको भूल नहीं जायेंगें. ये घटना उस गे-लेस्बियन क्लब में हुई जहां लोग दोस्तों के साथ मिलकर डांस करने आये थे और क्वालिटी टाइम बिताने आये थे. ये किसी नाइट मेयर से कम नहीं है. इस घटना में शहीद हुए लोगों के नाम और चेहरों को हम कभी नहीं भुला पाएंगे. 
 
किसने किया हमला?
हमलावर की पहचान उमर मतीन के तौर पर हुई है. 29 साल का हमलावर उमर अफगानिस्तान मूल का यूएस सिटीजन था. हमले से ठीक पहले उसने यूएस के इमरजेंसी नंबर 911 पर कॉल किया और कहा कि वह आईएसआईएस से जुड़ा है और हमला करने जा रहा है. मतीन के पिता सिद्दकी ने कहा, ”इस हमले का धर्म से कुछ लेनादेना नहीं है. मतीन जब देखता था कि दो मेल किस कर रहे हैं तो वह बहुत गुस्से में आ जाता था. वह उस वक्त बहुत गुस्से में था जब उसकी वाइफ और बच्चों के सामने दो मेल किस कर रहे थे.” हमलावर से अलग हो चुकी उसकी पत्नी ने कहा कि मतीन मेंटली स्टेबल नहीं था. वह बहुत गुस्सैल था और मारपीट करता था. आईएसआईएस प्रो ग्रुप ने एक दिन पहले पूरे अमेरिका में 8000 लोगों को मारने की धमकी दी थी. कहा था कि वह फ्लोरिडा में 600 लोगों की जान लेगा.
 
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‘गे-प्राइड महीना मनाया जा रहा है अमेरिका में 
यह अभी तक साफ नहीं है कि हादसे में मारे गए सभी लोग हमलावर की गोलियों से मरे हैं, या फिर मुठभेड़ के दौरान पुलिस द्वारा चलाई गई गोलियों ने भी लोगों की जान ली है. यह हमला ऐसे वक्त में हुआ है जब अमेरिका में ‘गे प्राइड’ महीना मनाया जा रहा है.