नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आतंकी संगठन तालिबान का प्रमुख मुल्ला अख्तर मंसूर एक अमेरिकी हवाई हमले में मारे जाने की पुष्टि की है. ओबामा ने उसके मारे जाने के अभियान की सराहना करते हुए इसे अफगानिस्तान में शांति लाने के प्रयासों में एक ‘महत्वपूर्ण मील का पत्थर’ बताया. शनिवार की बमबारी, पाकिस्तान की धरती पर किसी शीर्ष अफगान तालिबान नेता पर पहला ज्ञात अमेरिकी हमला, आतंकी संगठन के लिए एक बडा झटका है.
 
अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बयान में कहा, ‘हमने एक संगठन के उस नेता को खत्म कर दिया है जो अमेरिका तथा गठबंधन बलों के खिलाफ हमलों की, अफगान लोगों के खिलाफ युद्ध की लगातार साजिश रचता रहा है और खुद को अलकायदा जैसे चरमपंथी गुटों के साथ रखता है.’ तालिबान के वरिष्ठ सूत्रों ने भी मंसूर के मारे जाने की पुष्टि की है और कहा है कि शूरा (परिषद) की नया नेता चुनने के लिए बैठक चल रही है.
 
तीन दिन की वियतनाम यात्रा पर आए ओबामा ने कहा कि मंसूर ने ‘शांति वार्ता में गंभीरता से शामिल होने और अनगिनत निर्दोष अफगान पुरुषों, स्त्रियों तथा महिलाओं की जान लेने वाली हिंसा को खत्म करने के’ प्रयासों को खारिज कर दिया था. उन्होंने तालिबान के शेष नेतृत्व से शांति वार्ता में शामिल होने का आह्वान किया तथा कहा कि संघर्ष को खत्म करने का ‘केवल यही एक मार्ग’ है.