लंदन.  देश की 17 बैंकों द्वारा डिफोल्टर घोषित किए जा चुके और ब्रिटेन में शरण ले चुके विजय माल्या को ब्रिटेन ने बड़ी राहत दी है. जिससे भारत सरकार की माल्या को स्वदेश लाने की कोशिशें नाकाम होती नजर आ रही है.  सोमवार को ब्रिटेन ने माल्या को भारत वापिस भेजने से साफ तौर पर इंकार कर दिया. जिसे देश की उम्मीदों को झटके के तौर पर देखा जा रहा है.  
 
ब्रिटेन के उच्चायुक्त द्वारा जारी बयान में जांच एजेंसियों को साफतौर पर बता दिया है कि वो विजय माल्या का प्रत्यर्पण नहीं कर सकते हैं. उच्चायुक्त ने बताया कि माल्या एनआरआई हैं और उनके पास ब्रिटेन का रेजीडेंसी परमिट है जोकि 1992 में जारी किया गया था.
 
हाईकमिश्नर ने भारत सरकार को बताया गया कि माना कि माल्या का भारतीय पासपोर्ट रद्द हो गया है, लेकिन वो ब्रिटेन में रह सकते है क्योंकि उनके पास यूके में रहने का वैध वीजा है. माल्या का नाम ब्रिटेन की वोटर लिस्ट में भी शामिल है. उनका आवास लंदन के पास ही है. हालांकि सूत्रों से ये बातें भी सामने आ रही हैं कि ब्रिटेन सरकार 1993 की संधि के तहत माल्या के प्रत्यर्पण पर विचार कर सकती है.