काठमांडू. नेपाल सरकार ने आज भारत में नेपाल के राजदूत दीप कुमार उपाध्याय को वापस बुलाने का फैसला किया. उपाध्याय को पिछले साल अप्रैल में नेपाली कांग्रेस के कोटे से नियुक्त किया गया था. प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में उपाध्याय को वापस बुलाने का फैसला किया गयाय राष्ट्रपति का भारत दौरा रद्द करने के संबंध में उपाध्याय की सुबह ओली से बात हुई थी. बताया जाता है कि दौरा रद्द किए जाने के संबंध में उपाध्याय को जानकारी नहीं दी गई थी.
 
क्या था मामला?
बताया जाता है कि दीप कुमार उपाध्याय ने भंडारी का दौरा रद्द किए जाने के मुद्दे पर अपनी नाखुशी जाहिर की थी. उपाध्याय ने प्रधानमंत्री से कहा, “दौरा रद्द किया जाना ऐसे समय में उचित नहीं था जब भारत-नेपाल संबंध पटरी पर लौट रहा था. दौरा रद्द किए जाने से पहले न तो मुझसे सलाह ली गई और न ही सूचित किया गया.” इस पर ओली ने कहा, “अगर आप दौरा रद्द करने के मुद्दे पर इस तरह का रुख रखते हैं तो आप पद छोड़ सकते हैं.” 
 
नेपाल सरकार ने उपाध्याय पर ओली के नेृत्व वाली सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया. उपाध्याय नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं, जो कि फिलहाल विपक्षी पार्टी है.