वॉशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी के नेता डोनाल्ड ट्रंप का राष्ट्रपति पद के रूप में दावा और भी मजबूत हो गया है. जहां इंडियाना में ट्रंप ने टेड क्रूज को रास्ते से हटा दिया था तो वहीं अब एक अन्य प्रतियोगी जॉन कासिज ने भी अपना नाम वापस ले लिया है. 
 
कासिज के पीछे हटने के बाद से ट्रंप की दावेदारी और भी मजबूत हो गई है. और वह रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के अकेले उम्मीदवार बचे हैं. लेकिन ट्रंप की दावेदारी से उनकी पार्टी में दो गुट बनते नजर आ रहे हैं. कुछ नेताओं ने सोशल मीडिया पर अपनी सदस्यता छोड़ने का एलान भी किया है और विरोध में अपना वोटिंग रजिस्ट्रेशन फॉर्म भी जलाया है.
 
कासिज का प्रदर्शन निराशाजनक रहा. हालांकि वो ओहायो के लोकप्रिय गवर्नर हैं और यहां अपने दो कार्यकाल पूरे कर चुके हैं. लेकिन वह केवल ओहियो में ही चुनाव जीत पाए.
 
ट्रंप ने अपनाया विभाजनकारी रुख: हिलेरी क्लिंटन
 
चुनाव के प्रसार-प्रचार के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने मुस्लिमों का अमेरिका में प्रवेश प्रतिबंधित करने और अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकालने का अपना रुख दोहराया है. डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से उम्मीदवार बनने की दौड़ में आगे चल रही अमेरीका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने ट्रंप पर हमला करते हुए कहा है कि वह ऐसी तोप हैं जो कभी भी मिसफायर कर सकती है. उन्होंने कहा है कि अमेरीका को ट्रंप जैसे अविश्वसनीय और गैरजिम्मेदार उम्मीदवार पर भरोसा नहीं करना चाहिए. हिलेरी ने ट्रंप न्यूक्लियर हथियार वाले बयान की भी आलोचना की है.