नई दिल्ली. अमेरिका ने सांसदों की आपत्ति के बाद पाकिस्तान को एफ-16 लड़ाकू विमानों को खुद से ही खरीदने की बात कही है. अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने जानकारी देते हुए कहा, ‘सांसदों के विरोध का यह मतलब है कि अब अमेरिका के विदेशी सैन्य विभाग के बजट का इस्तेमाल लड़ाकू विमानों को खरीदने में नहीं किया जा सकता है.
 
सांसदों की आपत्ति के बाद हमने पाकिस्तान को स्पष्ट कह दिया है कि वह विमानों की खरीद खुद से ही करे.’आतंक नहीं, भारत के खिलाफ हो सकता है F-16 विमानों का इस्तेमालः अमेरिकी सांसद
 
अमेरिकी सरकार ने फरवरी में पाकिस्तान को करीब 70 करोड़ डॉलर के आठ एफ-16 लड़ाकू विमान, राडार और अन्य उपकरणों को बेचे जाने की मंजूरी दी थी.
 
इस फैसले पर शीर्ष अमेरिकी सांसदों ने फैसले पर चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि इन विमानों का इस्तेमाल आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में नहीं, बल्कि भारत के खिलाफ किया जा सकता है. उन्होंने इस संबंध में ओबामा प्रशासन से अपने फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध किया था.
 
सांसद मैट सैल्मन ने कांग्रेस में सुनवाई के दौरान कहा था, मेरे साथ साथ कांग्रेस के कई सदस्यों ने इस फैसले और इस बिक्री के समय पर गंभीर सवाल उठाए हैं. इसके अलावा भारत एवं पाकिस्तान के बीच तनाव अब भी बढ़ा हुआ है. हालांकि पाकिस्तान ने कहा है कि वह इसका इस्तेमाल आतंकवादियों के खिलाफ करेगा, कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या एफ 16 विमानों का इस्तेमाल आतंकवादियों के बजाए भारत या अन्य क्षेत्रीय शक्तियों के खिलाफ किया जा सकता है.