नई दिल्ली. भारतीय मूल का आईएस आतंकी सिद्धार्थ धर अपने कारनामों से अब कुख्यात आतंकी संगठन का सीनियर कमांडर बन गया है. आईएस चंगुल से छूटी निहद बरकत नामक एक यजीदी टीनेजर ने यह दावा किया है. निहद के मुताबिक, सिद्धार्थ उन फॉरेन फाइटर्स में से है, जिसने उसे सेक्स स्लेव बनाया था.
 
ब्रिटेन में रहे इस आतंकी को आईएस का नया ‘जिहादी जॉन’ कहा जाता है. भारतीय मूल का आतंकी सिद्धार्थ धर इराक के मोसुल शहर में आईएस का सीनियर कमांडर है. मोसुल पर आईएस की पकड़ काफी मजबूत है.
 
निहद के मुताबिक, सिद्धार्थ के कब्जे में कई सेक्स स्लेव हैं. सभी यजीदी महिलाएं हैं. कहा जा रहा है कि लंदन में रहे सिद्धार्थ को आईएस ने मोहम्मद एमवाजी की जगह दी है, जिसे ‘जिहादी जॉन’ नाम से भी जाना जाता था.
 
रिपोर्ट के मुताबिक, यूएस ड्रोन हमले में हुई एमवाजी की मौत के बाद आईएस ने विदेशी नागरिकों के सिर कलम का जिम्मा सिद्धार्थ को सौंपा है. सिद्धार्थ ने 10 साल पहले इस्लाम कबूला था और अपना नाम अबू रुमायश रखकर वह कब आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया, उसके घरवालों को भी इसकी भनक नहीं लगी. 2014 में सिद्धार्थ बीवी-बच्चों के साथ आईएस में शामिल होने के लिए सीरिया चला गया.
 
आतंकी वारदातों के प्रति अपने समर्पण भाव के चलते उसे मुहम्मद एमवाजी की जगह मिल गई जिसे जिहादी जॉन के नाम से जाना जाता था. एमवाजी की जब अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत हो गई तब आईएस में विदेशी नागरिकों के सिर कलम करने का जिम्मा सिद्धार्थ धर को सौंपा गया. उसकी ब्रिटेन में रहने वाली बहन कोनिका धर को अभी भी विश्वास नहीं है कि आईएस की ओर लड़ रहा उनका भाई सिद्धार्थ धर है.