काबुल. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में मंगलवार सुबह अमेरिकी दूतावास और NATO मिशन के पास आत्मघाती हमला हुआ है. इसमें 24 लोगों की मौत और 161 लोगों के घायल हो गए हैं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक अफगानिस्तान के सरकारी दफ्तर को निशाना बनाते हुए यह आत्मघाती हमला किया गया है. 
 
आतंकी संगठन तालिबान ने इसकी जिम्मेदारी ली है. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि यह धमाके तालिबान ने किए हैं. अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने धमाकों की निंदा की है और इसे आतंकी हमला करार दिया है.
 
हालांकि हमले में सभी भारतीयों के सुरक्षित होने की सूचना दी गई है. जहां यह आत्मघाती हमला हुआ है, वह जगह भारतीय दूतावास से सिर्फ 3 किलोमीटर की दूरी पर है. यह धमाके काबुल के पुल-ए-महमूद एरिया में हुआ है. 
 
अफगानिस्तान गृह मंत्रालय के प्रवक्ता सदिक सिद्दीकी के मुताबिक हमले के बाद पूरे एरिया को सुरक्षा बलों ने घेर लिया है. हमले में कई लोगों को नुकसान पहुंचने का खतरा है. हालांकि हमले का टारगेट अभी तक पता नहीं लग सका है. लेकिन देश का रक्षा मंत्रालय और खूफिया एजेंसी का दफ्तर इसी क्षेत्र में है. 
 
धमाकों की आवाज से US एंबेसी का साइरन बजने लगा लेकिन अमेरिकी एंबेसी ने जानकारी दी है कि धमाकों से उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.