काठमांडू/नई दिल्ली. पिछले महीने आए विशानकारी भूकंप से भारी तबाही से नेपाल अभी उबर भी नहीं था कि मंगलवार दोपहर आधे घंटे के अंतराल पर भूकंप के कई जोरदार झटके महसूस किए गए. इस भूकंप से अब तक 42 लोगों के मारे जाने और करीब एक हजार लोगों के घायल होने की खबर है.

यूएस ज्योलॉजिकल सर्वे के अनुसार, भूकंप दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर काठमांडो से पूर्व में करीब 83 किलोमीटर की दूरी पर माउंट एवरेस्ट के पास 18.5 किलोमीटर की गहराई पर आया. पहले भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.4 मापी गई थी, लेकिन बाद में संशोधित तीव्रता 7.3 बताई गई. भूकंप के तगड़े झटके के बाद छह आफ्टरशाक्स भी महसूस किए गए, जिनकी रिक्टर पैमाने पर तीव्रता पांच से अधिक थी. भूकंप से नेपाल के डोलखा और सिंधुपालचौक जिले प्रभावित हुए. ये दोनों ही पिछले महीने आए भीषण भूकंप से ज्यादा प्रभावित हुए इलाकों में शामिल हैं.

नेपाल के राष्ट्रीय आपात नियंत्रण केंद्र ने कहा, ‘चिकित्सा दल समेत सभी उपलब्ध हेलीकॉप्टरों, एसएसआर टीम को जल्द ही डोलखा और सिंधुपालचौक में इक्ट्ठा किया जाएगा.’ नेपाल में भारतीय वायु सेना के आठ हेलीकॉप्टर भी मौजूद हैं और एक हेलीकॉप्टर ने भूकंप के तुरंत बाद हवाई सर्वेक्षण भी किया. नेपाल सहित भारत के कई हिस्सों के आए शक्तिशाली भूकंप के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालात का जायजा लिया और सभी संबंधित अधिकारियों को जरूरत के अनुसार राहत और बचाव अभियानों के लिए अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए. 

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने नेपाल और भारत के कुछ हिस्सों में आए ताजा शक्तिशाली भूकंप के बाद एक उच्च स्तरीय बैठक में हालात का जायजा लिया.’ पीएमओ ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को जरूरत के अनुसार बचाव एवं राहत अभियान चलाने के लिए अलर्ट रहने का निर्देश दिया.’

7.3 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप का केंद्र नेपाल में था. भूकंप के कारण दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्से हिल गए जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया. भूकंप के झटकों के बाद दिल्ली मेट्रो की सेवा कुछ देर के लिए रोक दी गई. गृहमंत्रालय के मुताबिक, भूकंप से वजह से बिहार में अब तक 16 और यूपी में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है.

IANS