वाशिगटन. अमेरिका में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों की दौड़ में डेमोक्रेटिक पार्टी में हिलेरी क्लिंटन और रिपब्लिकन पार्टी में डोनाल्ड ट्रंप लगातार आगे चल रहे हैं. माना जा रहा है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हिलेरी को अपना समर्थन दिया है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी में अरबपति उम्मीदवार ट्रंप को दौड़ से हटाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं.
 
न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, ओबामा ने डेमोक्रेटिक पार्टी के दानदाताओं के एक समूह से पिछले शुक्रवार साफ रूप से कहा कि उनकी 2008 की प्रतिद्वंदी के पक्ष में एकजुट होने का वक्त आ गया है. न्यूयार्क टाइम्स के मुताबिक राष्ट्रपति ने ऑस्टिन टेक्सस के समूह से कहा कि हिलेरी क्लिंटन के प्रतिद्वंदी बर्नी सैंडर्स उस बिन्दु के नजदीक हैं जहां उनका अभियान खत्म होता है. इसलिए पार्टी को अब हिलेरी की मदद के लिए एकजुट हो जाना चाहिए.
 
अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है, “ओबामा ने स्वीकार किया कि हिलेरी क्लिंटन को कमजोर उम्मीदवार माना जाता है और कई डेमोक्रेट उन्हें प्रमाणिक नहीं मानते.” टाइम्स ने कहा, “लेकिन, ओबामा ने प्रमाणिकता का महत्व कम करते हुए पूर्व राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश का उल्लेख किया जिसकी उन्होंने प्रमाणिकता के लिए एक बार प्रशंसा की थी.”
 
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जोश अर्नेस्ट ने ओबामा द्वारा हिलेरी क्लिंटन के समर्थन की बात का खंडन करते हुए कहा कि उन्होंने केवल पार्टी में एकता की बात कही थी. अर्नेस्ट ने कहा कि राष्ट्रपति ने अपने बयान में किसी उम्मीदवार का नाम नहीं लिया था और उन्होंने क्लिंटन और सैंडर्स दोनों उम्मीदवारों की प्रशंसा की थी.
 
अर्नेस्ट के मुताबिक, ओबामा ने कहा था, “जब प्राइमरी के सभी नतीजे आ जाएंगे, तब डेमोक्रेटिक पार्टी को पूरे मामले का महत्व समझना होगा और डेमोक्रेटिक पार्टी के नामांकित उम्मीदवार के लिए एकजुट होना होगा ताकि वह नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव में जीत हासिल कर सके.”
वाशिंगटन पोस्ट का कहना है कि ओबामा और उनके शीर्ष सहयोगियों ने काफी समय लगाकर यह रणनीति बनाई है कि किस प्रकार से उनकी 2008 और 2012 की सफलता दोहराई जाए ताकि उनकी जगह एक डेमोक्रेट उम्मीदवार चुन कर आए. उधर, सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक रिपब्लिकन खेमे में ट्रंप को लेकर बेचैनी बढ़ती जा रही है.
 
वाशिंगटन में गुरुवार को प्रभावशाली कंजरवेटिव नेताओं ने ट्रंप की उम्मीदवारी को रोकने के मुद्दे पर चर्चा की. इसमें एक प्रस्ताव ‘यूनिटी टिकट’ का भी आया जिसके तहत ट्रंप के नजदीकी प्रतिद्वंदी टेड क्रूज और ओहियो के गर्वनर जॉन कासिच को एक साथ लाकर ट्रंप से मुकाबला कराना शामिल है. लेकिन शायद इन दोनों के बीच के अहम को देखते हुए उनकी जोड़ी बनना मुश्किल है. यह भी संभावना है कि रिपब्लिकन अगर ट्रंप की उम्मीदवारी को नहीं रोक पाते हैं तो वे किसी तीसरे पक्ष के उम्मीदवार का समर्थन कर दें.