न्यूयार्क. संयुक्त राष्ट की रिपोर्ट में दक्षिण सूडान के बारे में  सनसनीखेज खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण सूडान में सैनिकों को वेतन के रूप में महिलाओं और बच्चों के साथ रेप करने की छूट दी जाती है. जारी रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण सूडान की सरकार ने सैनिकों को रेप के अलावा कई तरह के अत्याचार करने की भी पूरी छूट दी है. 
 
5 महिने में 1300 महिलाओं से रेप
रिपोर्ट में कहा गया है कि जांच के मुताबिक दक्षिण सूडान के यूनिटी राज्य में 5 महिनों में 1300 महिलाओं से रेप किया गया. यह चौंकाने वाला आंकड़ा सिर्फ यूनिटी प्रांत का नहीं है, जहां हर दिन 8 महिलाओं और बच्चियों को रेप का शिकार होना पड़ता है बल्कि कमोबेश सभी प्रांतों में ऐसी ही भयावह स्थिति है. यहां सैनिक इस बात को लेकर झगड़ा कर रहे थे कि छह साल की एक बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसे गोली मारी जाए या नहीं. यहां तक कि बच्चों और विकलांगों को भी नहीं बख्शा गया. लोगों को जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई. 
 
जिंदा जलाकर खाते हैं सैनिक
संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार शाखा ने रिपोर्ट में बताया गया है बच्चों और विकलांगों को भी नहीं बख्शा गया. विपक्ष को समर्थन देने के संदेह में सैनिक बच्चों और विकलांगों समेत आम नागरिकों को जिंदा जला दिया जाता है. माल लादने वाले कंटेनर के दमघोंटू वातावरण में बंद कर दिया जाता है, पेडों से लटका दिया जाता है और टुकड़े टुकड़े कर दिया जाता है. 
 
‘बच्चों के सामने किया मेरा रेप’
एक महिला ने यूएन इन्वेस्टिगेटर्स से कहा कि पहले मेरे कपड़े फाड़े गए फिर पांच सैनिकों ने मेरे बच्चों के सामने रेप किया. इसके बाद कई लोगों ने जंगल में मेरे साथ रेप किया. मेरे बच्चे भी गायब हो गए. क्या पता वहां लोग मेरे बच्चों के साथ भी रेप न कर रहे हों.
 
‘जो कर सकते हो करो’
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि लड़ाके ‘जो कर सकते हो करो, जो ले जा सकते हो ले जाओ’ समझौते के तहत काम करते हैं और यही समझौता उन्हें वेतन के बदले महिलाओं और लड़कियों को साथ ले जाने और उनका बलात्कार करने की इजाजत देता है.
 
’15 साल की बेटी से 10 लोगों ने किया रेप’
एक महिला ने बताया कि उसकी आंखों से सामने उनके पति को मौत के घाट उतार दिया गया और फिर उनकी 15 साल की बेटी के साथ 10 सैनिकों ने रेप किया.