इस्लामाबाद. पठानकोट एयरबेस आतंकी हमले की जांच के लिए पाकिस्तान में गठित आतंकवाद रोधी विभाग (STD) ने सिफारिश के बाद कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. हालांकि जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई है उसमें हमले के मास्टरमाइंड आतंकी मसूद अजहर का नाम शामिल नहीं है. सीटीडी के एक प्रवक्ता के मुताबिक, पंजाब प्रांत के गुजरांवाला शहर में सीटीडी पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, जिसकी संख्या 06/2016 है.
 
बता दें कि इस मामले में पुलिस ने अब तक अजहर को आधिकारिक तौर पर हिरासत में लेकर पूछताछ भी नहीं की है. बताया यह भी जा रहा है कि हमले के बाद अजहर को पुलिस ने एहतियात को तौर पर हिरासत में लिया था. लेकिन बाद में इसे छोड़ दिया गया था.
 
SIT ने की थी FIR की सिफारिश
समाचार पत्र ‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रवक्ता ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद औपचारिक जांच शुरू कर दी गई है. उन्होंने यह भी कहा कि एक संयुक्त जांच टीम हमले की जांच करेगी और इसके दोषियों के खिलाफ कानून-सम्मत कार्रवाई की जाएगी. स्पेशल जांच टीम ने औपचारिक रूप से कहा है कि मसूद अजहर के खिलाफ सरकार को एफआईआर दर्ज की जाए. 
 
‘भारतीय सबूतों के आधार पर दर्ज FIR’
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एसआईटी ने अपनी सिफारिशों में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की ओर से उनके पाकिस्तानी समकक्ष नसीर खान जांजुआ को उपलब्ध कराए गए सबूतों का हवाला दिया है. जिसके आधार पर यह एफआईआर दर्ज कराई गई है. अजित डोभाल ने प्रशासन को जानकारी दी थी कि चार आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे. उन्होंने पठानकोट से सटे सीमाई इलाके से सीमा पार किया था. एनएसए ने कहा है कि आतंकवादियों ने हमले के दौरान भारत में रहते हुए मोबाइल नंबरों पर फोन किए और वे एक प्रतिबंधित संगठन से जुड़े थे.
 
PM नवाज के आदेश के बाद FIR
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस मामले में शीर्ष अधिकारियों से चर्चा करने के बाद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. हालांकि इसमें मसूद अजहर का नाम शामिल नहीं किया गया. बता दें कि पाकिस्तानी गृह मंत्रालय ने जांच के लिए 13 जनवरी 2016 को नोटिफिकेशन जारी करके छह सदस्यीय टीम गठित की थी.
 
क्या है मामला?
बता दें कि दो जनवरी को हथियारों से लैस आतंकवादियों ने पठानकोट वायुसेना एयरबेस पर हमला किया था. हमले में एक नागरिक सहित सात सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई थी. सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में छह हमलावरों को मार गिराने की बात कही थी. दोनों ओर से गोलीबारी 17 घंटे से भी अधिक समय तक चली थी.