काठमांडू. नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली की छह दिवसीय भारत यात्रा शुक्रवार से शुरू हो रही है. यात्रा के दौरान दोनों देश आर्थिक, सांस्कृतिक और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए कम से कम चार सहमति-पत्रों (एमओयू) पर हस्ताक्षर की तैयारी कर रहे हैं.
 
भारत पहले ही नेपाल को एक अरब डॉलर का कर्ज देने का वादा कर चुका है. इसके अलावा भूकंप के बाद नेपाल के पुनर्निर्माण के लिए भी भारत ने एक अरब डॉलर देने का वचन दिया है. दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि ओली के इस दौरे में इन दोनों सहमति-पत्रों पर हस्ताक्षर होने हैं.
 
नेपाल को भारत से यह सहायता और कर्ज किस-किस मद में और किन-किन परियोजनाओं के लिए दी जाए, इसे कोली की यात्रा के दौरान अंतिम रूप दिया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2014 अगस्त में नेपाल की यात्रा के दौरान बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी नेपाल की विभिन्न परियोजनाओं के लिए एक अरब डॉलर कर्ज देने की घोषणा की थी.
 
भूकंप से हिले नेपाल के पुनर्निर्माण के लिए भारत की सहायता से विभिन्न परियोजनाएं शुरू करने पर विचार किया गया है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पिछले साल जून में नेपाल के पुनर्निर्माण पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में नेपाल को भारत से एक अरब डॉलर कर्ज और सहायता देने की घोषणा की थी.
 
19 से 24 फरवरी तक होने वाली यात्रा के दौरान ओली के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा नेपाल के उप प्रधानमंत्री और विदेश मामलों के मंत्री कमल थापा, वित्त मंत्री बिष्णु प्रसाद पौडेल और गृह मंत्री शक्ति बहादुर बसनेत भी होंगे.