जेनेवा. संयुक्‍त राष्‍ट्र ने भारत को मुम्‍बई हमले के सरगना जकी-उर-रहमान लखवी की जेल से रिहाई के मुद्दे पर आश्वासन दिया है कि वह इस मुद्दे को अगली बैठक में उठाएगी. संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत अशोक मुखर्जी ने यूएनएससी अलकायदा प्रतिबंध समिति(यूएन सैन्कशंस कमेटी के अध्यक्ष) राजदूत जिम मैकले को पत्र लिखकर लखवी की रिहाई पर चिंता जताई और कहा कि यह अलकायदा और उससे जुड़े लोगों तथा संगठनों से संबंधित समिति के प्रावधानों का उल्लंघन है.

अशोक मुखर्जी ने कहा कि पाकिस्तानी अदालत द्वारा लखवी की रिहाई संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव संख्या 1267 का उल्लंघन है. यह प्रस्ताव विशेष संस्थाओं और व्यक्तियों के संबंध में है. प्रतिबंध के उपाय अलकायदा और लश्कर-ए-तय्यबा समेत आतंकवादी समूह के साथ जुड़े विशेष व्यक्तियों और संस्थाओं पर लागू होते हैं. भारतीय राजदूत द्वारा लिखे गए पत्र में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि यहां तक कि जमानत की राशि भी सैंक्शंस कमेटी के नियम के खिलाफ है जो विशेष व्यक्तियों और संस्थाओं के कोष और अन्य वित्तीय संपत्तियों या आर्थिक संसाधनों को जब्त करने की बात करती है. सैंक्शंस कमेटी में संयुक्त राष्ट्र के पांच स्थायी और 10 अस्थायी सदस्य होते हैं.

एजेंसी