वाशिंगटन. नेट न्यूट्रैलिटी पर ट्राई के फैसले को लेकर निराशा व्यक्त करते हुए फेसबुक के संस्थापक तथा प्रमुख मार्क ज़करबर्ग ने कहा है कि वह इस फैसले से निराश हैं लेकिन हार नहीं मानेंगे. उन्होंने कहा कि भारत सहित दुनियाभर में कनेक्टिविटी प्रतिबंधों को खत्म करने की दिशा में काम करते रहने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

ज़करबर्ग ने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा है कि internet.org के जरिए बहुत कुछ नया किया जाना संभव है और हम तब तक इस दिशा में काम करते रहेंगे, जब तक सभी की पहुंच इंटरनेट तक न हो जाए.

ज़करबर्ग ने अपने पोस्ट में लिखा है कि आज भारत की टेलीकॉम नियामक ने ऐसी योजनाओं पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय किया, जो डेटा तक मुफ्त पहुंच उपलब्ध कराती है. इसके चलते internet.org के एक कार्यक्रम फ्री बेसिक्स तथा इसी की तरह डेटा तक मुफ्त पहुंच उपलब्ध कराने वाले कार्यक्रमों पर रोक लग गई है.

 

Everyone in the world should have access to the internet. That’s why we launched Internet.org with so many different…

Posted by Mark Zuckerberg on Monday, February 8, 2016

ज़करबर्ग ने दावा किया कि internet.org के जरिये फेसबुक ने दुनियाभर में बहुत-से लोगों की ज़िन्दगी में सुधार किया है. उन्होंने आगे लिखा है कि भारत को इससे जोड़ना बेहद महत्वपूर्ण लक्ष्य है, क्योंकि यहां एक अरब से भी ज़्यादा लोग हैं, जिनकी पहुंच इंटरनेट तक नहीं है.

फेसबुक संस्थापक का कहना था है कि हम जानते हैं कि इन लोगों को साथ जोड़ लेने से उन्हें गरीबी से मुक्ति दिलाने में मदद मिलेगी, लाखों नौकरियां पैदा होंगी तथा शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा  और यही वजह है कि हम इन्हें साथ जोड़ने के लिए कटिबद्ध हैं.

क्या है मामला

दरअसल, टेलीकॉम नियामक ट्राई ने सोमवार को नेट न्यूट्रैलिटी का पक्ष लेते हुए ऑपरेटरों पर इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कॉन्टेंट के आधार पर अलग-अलग दर वसूल किए जाने से प्रतिबंध लगा दिया था, जो फेसबुक की विवादित फ्री बेसिक्स तथा उससे मिलती-जुलती अन्य योजनाओं के लिए बड़ा झटका है.