लंदन. विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे ने कहा कि वह अपने आप को पुलिस के हवाले कर देंगे, मगर उनकी शर्त है कि संयुक्त राष्ट्र का पैनल उसे गैरकानूनी ढंग से हिरासत में न रखने का आदेश पारित करें. ऑस्ट्रेलियाई नागरिक असांजे को 2010 में स्वीडन द्वारा जारी एक यूरोपीय अरेस्ट वारंट के आधार पर यौन प्रताड़ना के आरोप में लंदन में गिरफ्तार किया गया था.असांजे ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया था.
 
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, जब ब्रिटेन की सुप्रीम कोर्ट ने उसके खिलाफ प्रत्यवर्तन का फैसला सुनाया था तो असांजे ने लंदन स्थित इक्वाडोर के दूतावास में शरण ली थी और जून, 2012 से वहीं रह रहे हैं.
 
ट्विटर पर असांजे ने कहा कि वह अपने खिलाफ फैसला आने पर उसे स्वीकार करने को तैयार है, लेकिन अगर फैसला उसके पक्ष में आता है तो उसे आजाद घूमने दिया जाए. 
 
असांजे ने लिखा, “अगर संयुक्त राष्ट्र कल घोषणा करता है कि मैं ब्रिटेन और स्वीडन के खिलाफ अपना केस हार चुका हूं तो मैं शुक्रवार की दोपहर में दूतावास से बाहर आ जाऊंगा और अपने आप को ब्रिटिश पुलिस के हवाले कर दूंगा, क्योंकि इस मामले में अब आगे अपील करना सार्थक नहीं होगा.”
 
उन्होंने कहा, “अगर मैं यह केस जीत जाता हूं और ये देश मेरे खिलाफ गैरकानूनी ढंग से काम करते पाए जाते हैं, तो मैं उम्मीद करता हूं कि मेरा पासपोर्ट तुरंत लौटा दिया जाएगा और मुझे आगे भी गिरफ्तार करने की कोई कोशिश नहीं की जाएगी.”
 
विकिलीक्स ने अमेरिकी सरकार के गुप्त दस्तावेजों को इंटरनेट पर डाल दिए थे. असांजे ने कहा था कि उन्हें भरोसा है कि स्वीडन द्वारा गिरफ्तार करने पर अमेरिका उनका प्रत्यार्पण करवाएगा.