वाशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि वह जल्द से जल्द अपने यहां के आतंकी नेटवर्क खत्म करे. एक भारतीय न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में ओबामा ने पठानकोट में वायुसेना अड्डे पर आतंकी हमले को भारत की ओर से लंबे समय से झेले जा रहे आतंकवाद की एक और मिसाल करार दिया. वहीं उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ से संपर्क साधने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की.
 
अमेरिकी राष्ट्रपति से इस इंटरव्यू के दौरान भारत-अमेरिका संबंध, आतंकवाद और पेरिस जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन के नतीजे सहित कई मुद्दों पर प्रश्न किए गए.
 
मोदी की तारीफ
ओबामा ने 2 जनवरी को पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले के बाद पीएम नरेंद्र मोदी के पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ से बातचीत जारी रखने की भी तारीफ की है. भारत का आरोप है कि पंजाब में हुए इस हमले के पीछे पाकिस्तान से ऑपरेट होने वाले टेरर ग्रुप जैश-ए-मोहम्मद का हाथ है.
 
इंडो-यूएस रिलेशनशिप पर क्या बोले?
ओबामा ने कहा, “यह सदी की निर्णायक साझेदारी में से एक हो सकता है.” पीएम मोदी के उत्साह की तारीफ करते हुए ओबामा ने कहा, “हम दोनों ने अच्छी फ्रेंडशिप और क्लोज वर्किंग रिलेशनशिप डेवलप कर ली है.” उन्होंने यह भी कहा कि हम दोनों के बीच बातचीत होती रहती है. हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या इस रिलेशनशिप ने मुकाम हासिल कर लिया है, उन्होंने कहा- ‘निश्चित तौर पर ‘नहीं.”
 
पठानकोट हमले पर क्या बोले ओबामा?
पठानकोट हमले पर ओबामा ने कहा, हम हमले की निंदा करने, और जिंदगियों के नुकसान को रोकने के लिए लड़ने वाले जवानों को सलाम करने तथा पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करने में भारत के साथ खड़े हैं. उन्होंने कहा, इस तरह की त्रासदियां इस बात को रेखांकित करती हैं कि अमेरिका और भारत को आतंकवाद से लड़ने में ऐसी निकटवर्ती साझेदारी को क्यों जारी रखना चाहिए. 
 
आतंकी हमले की निंदा, जवानों को सलाम
पठानकोट में आतंकी हमले को लेकर ओबामा ने कहा, ‘हम हमले की निंदा करने, और जिंदगियों के नुकसान को रोकने के लिए लड़ने वाले जवानों को सलाम करने व पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करने में भारत के साथ खड़े हैं. इस तरह की त्रासदियां इस बात को रेखांकित करती हैं कि अमेरिका और भारत को आतंकवाद से लड़ने में ऐसी निकटवर्ती साझेदारी को क्यों जारी रखना चाहिए.’ ओबामा का मानना है कि नवाज शरीफ ने स्वीकारा है कि पाकिस्तान में असुरक्षा उसकी खुद की स्थिरता और इस क्षेत्र के लिए खतरा है. दिसंबर 2014 में पेशावर स्कूल नरसंहार के बाद उन्होंने सभी आतंकवादियों को निशाना बनाने का संकल्प लिया था.