पेशावर. पाकिस्तान के चारसड्डा इलाके में स्थित बाचा खान यूनिवर्सिटी के अंदर आर्मी ऑपरेशन खत्म हो चुका है. कैम्पस क्लियर कर लिया गया है. फिलहाल आर्मी सर्च ऑपरेशन जारी है. इस आतंकी हमले में 25 लोगों की मौत और 50 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं. एनकाउंटर में चार आतंकी भी मारे गए हैं. हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने ली है. पाक मीडिया के मुताबिक गंभीर घायलों को चारसद्दा के डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया है.
 
कैंपस में 3000 छात्र थे मौजूद
बताया जा रहा है कि यूनिवर्सिटी के अन्दर कम से कम 3000 छात्र और 600 मेहमान मौजूद थे. आतंकी कोहरे की आड़ में कैंपस के पीछे के रास्ते से घुसे थे. यूनिवर्सिटी में आतंकियों ने एक केमिस्ट्री के एक प्रोफेसर समेत 25 लोगों को मार दिया है. यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ प्रोफेसर और गेस्ट भी मौजूद थे. 
 
टॉयलेट में छिपकर बचाई जान
बचकर बाहर आए एक छात्र ने बताया कि उसने टॉयलेट में छिपकर अपनी जान बचाई. छात्र ने बताया कि कैंपस के अंदर चारो तरफ से गोलाबारी की अवाज सुनाई दे रही थे. हम लोगों ने बहुत मुश्किल से अपनी जान बचाई थी. कैंपस में कुछ लोग छत पर छुपे हैं तो कोई कमरे में. अंदर बेहद भयावह माहौल था. हमले के बाद पेशावर के सभी अस्पतालों में अलर्ट घोषित कर दिया गया था. 
 
सुबह 9 बजे से कर रहे थे फायरिंग
स्थानीय मीडिया के मुताबिक, यूनिवर्सिटी में सुबह 9 बजे चार आतंकी दाखिल हुए. फिर उन्होंने यूनिवर्सिटी कैंपस में ही फायरिंग और धमाके करना शुरू कर दिया. घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में सुरक्षा बल भी वहां पहुंच गए थे. फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है. 
 
बाचा खान की मनाई जा रही थी पुण्यतिथि 
बता दें कि यूनिवर्सिटी में बुधवार को बाचा खान की पुण्यतिथि मनाई जा रही थी. 1988 में उनका निधन हो गया था और वह ताउम्र उदार-गांधीवादी रहे. यूनिवर्सिटी पर हमले की पहले से ही आशंका थी इसलिए कल रात से ही यहां हाई अलर्ट था.  
 
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने ली जिम्मेदारी
बाचा खान यूनिवर्सिटी पर हुए हमले कि जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने ली है. इससे पहले भी पाकिस्तान में हुए कई आतंकी हमले में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान का नाम सामने आया था.
 
‘मरने वालों की कुर्बानी को जाया नहीं जाएगी’
पाक पीएम ने नवाज शरीफ कहा है कि बेकसूर स्टूडेंट्स और नागरिकों को मारने वालों का कोई मजहब नहीं होता है.” हम एक बार फिर मुल्क से टेररिज्म को खत्म करने का कमिटमेंट करते हैं.” हम “मुल्क के लिए मरने वालों की कुर्बानी को जाया नहीं जाने देंगे.”