लेबनान. आतंकी संगठन आईएसआईएस ने मंगलवार को इस बात की पुष्टि की है कि उसके गुट का सदस्‍य ‘जिहादी जॉन’ मारा गया है. आईएस ने कहा कि जिहादी जॉन नवंबर में उसके सीरियाई गढ़ रक्‍का शहर में एक ड्रोन हमले में मारा गया था.
 
हमले के वक्त कार में था जिहादी जॉन
जिहादी जॉन की पहचान अरब मूल के 27 वर्षीय ब्रिटेन निवासी मोहम्‍मद एमवाजी के रूप में की गई थी. आईएस ने अपनी पत्रिका Dabiq में कहा कि एजवाजी पिछले साल 12 नवंबर को रक्‍का में एक ड्रॉन हमले में मारा गया, जब वह अपनी कार में जा रहा था. आतंकी संगठन ने अपनी इस पत्रिका में ‘अबु मुहारिब अल-मुजाहिर’ उपनाम से उसके बारे में जिक्र किया था.
 
‘जॉन को हम मारना चाहते थे वह मारा गया’
आईएसआईएस के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान के प्रवक्ता कर्नल स्टीवन वारेन ने कहा था ‘हम काफी हद तक आश्वस्त हैं कि जिस लक्ष्य यानी जिहादी जॉन को हम मारना चाहते थे वह मारा गया है.’ उन्होंने वेबकास्ट लाइव के जरिये पेटागन कवर करने वाले संवाददाताओं को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि बहरहाल इसकी पुष्टि करने में कुछ समय लग जाएगा कि जिहादी जॉन मारा जा चुका है. उन्होंने कहा, ‘यह ड्रोन हमला था. हथियार प्रणाली ने वांछित लक्ष्य को भेद दिया.’
 
विभत्‍स तरीके से सिर कलम करता था जॉन
आपको बता दें कि ‘जिहादी जॉन’ सीरिया में कम से कम सात बंधकों (जिनमें ब्रिटेन के दो लोग भी शामिल रहे) के विभत्‍स तरीके से सिर कलम किए जाने की घटनाओं में शामिल रहा. अगस्‍त 2014 से इस्‍लामिक स्‍टेट द्वारा जारी सात वीडियो में एमवाज़ी को दिखाया गया था, जब वह अमेरिकी पत्रकार जेम्‍स फोली का सिर कमल करते हुए दिखाई दिया था.
 
सितंबर 2014 में एक वीडियो में वह एक और अमेरिकी पत्रकार स्‍टीव सोटलॉफ और ब्रिटिश सहायता कार्यकर्ता डेविड हैंस का सिर कलम करते वीडियो में भी दिखाई दिया था. वहीं एक हालिया वीडियो में वह ब्रिटिश लहजे में सिर कलम करने की धमकी देता हुआ दिखाई दिया था.