वाशिंगटन. अमेरिका में राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनने की दौड़ में रिपब्लिकन पार्टी में सबसे आगे चल रहे अरबपति कारोबारी डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका में मुसलमानों को अस्थायी रूप से आने से रोकने के अपने विवादास्पद बयान पर कायम हैं. 
 
अपने रुख का इजहार उन्होंने एक बहस में किया. जवाब में उनके प्रतिद्वंद्वी जेब बुश ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि भारत और इंडोनेशिया जैसे अमेरिका के मजबूत सहयोगियों के मुसलमानों को आने से भला कैसे रोका जा सकता है. फेसबुक के अनुसार, ट्रंप के इस प्रस्ताव ने एक आग-सी लगा दी है. अब तक एक करोड़ लोग इस पर अपनी राय दे चुके हैं. 
 
दक्षिण कैरोलिना के चार्ल्सटन में राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन दावेदारों की छठी बहस में ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्हें कोई भी ऐसी बात सुनने को मिली है, जिससे उन्हें लगा कि उन्हें मुसलमानों पर अपना बयान वापस ले लेना चाहिए? जवाब में ट्रंप ने कहा, “नहीं.”
 
उन्होंने कहा कि इस मामले में उनका रुख बदलने वाला नहीं है. ट्रंप ने कहा, “हमें राजनैतिक यथार्थ के साथ रुक जाना चाहिए.”
 
फ्लोरिडा के पूर्व गवर्नर और पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के भाई जेब बुश ने ट्रंप से लगातार अनुरोध किया कि वह अपनी सोच पर पुनर्विचार करें. उन्होंने कहा कि इस विचार के साथ अरब देशों के साथ गठबंधन असंभव हो जाएगा, जो कि आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) को परास्त करने के लिए जरूरी है.
 
जेब बुश पहले कह चुके हैं कि इस तरह का प्रस्ताव रखकर ट्रंप ने खुद का पागलपन साबित किया है. उन्होंने बहस में कहा, “सभी मुसलमान? सच में? पूरी दुनिया में इससे कैसा संदेश जा रहा है?”
 
जेब बुश ने कहा, “तो, मतलब यह कि हम भारत के, इंडोनेशिया के मुसलमानों को रोकने जा रहे हैं, उन देशों से संबंध रखने वालों को जो हमारे मजबूत सहयोगी हैं-जिनके साथ हमें बेहतर संबंध बनाने हैं? साफ है कि बिलकुल नहीं. हमें जिस बात को करने की जरूरत है, वह है आईएस का खात्मा.”
 
फॉक्स बिजनेस नेटवर्क के प्रस्तोता ने जेब बुश को याद दिलाया कि ट्रंप के मुसलमानों पर बयान के बाद उनकी रेटिंग 11 फीसदी बढ़ी है. क्या वह ट्रंप के समर्थकों को भी पागल समझते हैं? इस पर बुश ने कहा, “नहीं.”