इस्लामाबाद. भारत और पाकिस्तानी नेताओं की तारीफ करते हुए एक पाकिस्तानी अखबार ने लिखा है कि दोनों ही देशों ने पठानकोट आतंकवादी हमले के बाद संयम का परिचय दिया है और इसे किसी गंभीर संकट में बदलने नहीं दिया है. इस अखबार ने पाकिस्तानी सरकार से कहा कि जैश-ए-मोहम्मद को हमेशा के लिए खत्म कर दे.’
 
डॉन ने अपने संपादकीय में लिखा है कि पिछले अनुभवों से यह पता चला है कि जैश और उसके जैसे अन्य प्रतिबंधित संगठन बेहतरीन वकीलों के बलबूते अदालत में अपने संगठन और नेताओं को बचा लेते हैं. इसलिए इस बार न सिर्फ जैश, बल्कि उसके जैसे दूसरे संगठनों को भी हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहिए.
 
इस संपादकीय में कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान ने पठानकोट हमले की सधी प्रतिक्रिया देकर जैश के मंसूबे को नाकाम कर दिया है, लेकिन अभी भी यह समूह अपने नापाक मंसूबों में लिप्त होगा. इसलिए इसे हमेशा के लिए खत्म करना बेहद जरूरी है.
 
पाकिस्तान सरकार ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा था कि उसने पठानकोट हमले से संबंध में जैश के कई नेताओं को गिरफ्तार किया है और छानबीन के लिए जैश के कई कार्यालयों को सील कर दिया है. लेकिन गुरुवार को पाकिस्तान के विदेश विभाग ने कहा कि उसे मसूद अजहर की गिरफ्तारी की जानकारी नहीं है, जिसे भारत ने मुख्य साजिशकर्ता बताया है.
 
डॉन ने कहा कि 13 साल पहले ही इस समूह पर बैन लगाया गया था, लेकिन यह अभी भी चल रहा है और इसके कई कार्यालय भी है. अभी भी उन कार्यालयों के केवल सील किया गया है. लंबे समय से ऐसा देखा जा रहा है कि सरकार जिस समूह पर बैन लगाती है. वो कुछ समय के बाद नाम बदलकर फिर सक्रिय हो जाते हैं.
 
अखबार ने लिखा कि जैश के मामले में राज्य सरकार की यह नाकामी काफी संगीन है. बुधवार तक मसूद अजहर बिल्कुल आजाद था और बेखौफ घूम रहा था. इसी तरह से जैश के कई नेता देशभर में घूम-घूम कर जेहाद फैलाते रहते हैं.
 
डॉन ने कहा कि पाकिस्तान यह सुनिश्चित करे कि जैश के खिलाफ उठाए गए कदम दिखावटी नहीं होंगे, बल्कि इस संगठन को जड़ से खत्म करना बेहद जरूरी है. कई बार हड़बड़ी में उठाए गए कदम असफल हो जाते हैं. इसका ध्यान रखना होगा.