बर्लिन. जर्मनी के कोलोन शहर में न्यू ईयर की रात में शरणार्थियों के एक समूह द्वारा जर्मनी की महिलाओं से रेप व लूटपाट जैसी घटनाओं से देश में शरणार्थियों के शरण का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है. जर्मनी में सर्वाधिक शरणार्थियों को शरण देनी की मार्केल की नीति पर विपक्ष के हमले तेज होते जा रहे हैं. इसी कड़ी में शरणार्थियों द्वारा यौन उत्पीड़न की घटना का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों पर बोतलें, पत्थर और पटाखे फेंके. 
 
पुलिस के मुताबिक झड़प में तीन अधिकारी घायल हो गए हैं. स्थानीय मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान एक फ्रीलांसर पत्रकार भी घायल हो गया.
 
पुलिस ने कहा कि कुल 1700 प्रदर्शनकारियों में करीब 500 लोग पेगिडा के थे, जो देश में मध्य-पूर्व के लोगों के आव्रजन का विरोध करते हैं. अब तक कुल 15 लोगों को अरेस्ट किया जा चुका है, जबकि इस संख्या में इजाफा हो सकता है, क्योंकि पुलिस वीडियो क्लिप के आधार पर लोगों की पहचान कर रही है.
 
प्रदर्शनकारी न्यू ईयर की रात में कोलोन शहर में महिलाओं के साथ उत्पीड़न की उस घटना का विरोध कर रहे हैं, जिसमें करीब एक हजार लोगों के एक समूह ने खासकर महिलाओं का न सिर्फ यौन उत्पीड़न किया, बल्कि लूटपाट की घटनाओं को भी अंजाम दिया.
 
जर्मनी के गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि पहचाने गए दो तिहाई संदिग्ध शरणार्थी हैं. उन्होंने कहा कि ये अपराध मुख्यत: शारीरिक चोट व चोरी से संबंधित हैं. उन्होंने यह भी बताया कि शरणार्थी इससे पहले यौन उत्पीड़न की घटनाओं में संलिप्त नहीं रहे हैं.
 
जर्मन मीडिया स्पीजेल ऑनलाइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आपराधिक शिकायतों की कुल संख्या गुरुवार को बढ़कर 200 तक पहुंच गई.
जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल ने घोषणा की कि उनकी पार्टी ने अपराधी शरणार्थियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है. मार्केल ने कहा, “यदि आपराधिक वारदातें होती हैं और लोग कानून का उल्लंघन करते हैं, तो इसका असर शरणार्थियों के शरण देने की अर्जी पर पड़ेगा.” उन्होंने कहा, “बदलाव न सिर्फ नागरिकों के हितों में है, बल्कि भारी संख्या में शरणार्थियों के हितों के अनुकूल भी है.”
 
न्यू ईयर की रात में महिलाओं के साथ हुए उत्पीड़न के खुलासे के बाद ऑस्ट्रिया, स्विट्जरलैंड जैसे यूरोप के अन्य भागों में भी ऐसे मामले सामने आने की खबरें आईं. विश्लेषकों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से यूरोप में शरणार्थियों की समस्या और बढ़ सकती है.