मुंबई. अपनी पत्नी की हत्या करने की वजह से मुंबई के रहने वाले आतिफ पोपेर को दुबई की सर्वोच्च न्यायालय ने सरेआम गोली से उड़ाकर मारने की सजा सुनाई है. रिपोर्ट के अनुसार पोपेर ने अपने साथी के साथ मिलकर अपनी पत्नी बश्रा को 2013 में मौत के घाट उतार दिया था. 
 
पोपेर ने याचिका दर्ज की थी कि उसकी मृत्युदंड को उम्रकैद में बदल दिया जाए लेकिन कोर्ट ने उसकी याचिका को खारिज कर दिया. बताया जा रहा है कि अगर मारी गई युवती के परिवार वालों की तरफ से कोई नर्मी बरती जाए तो उसकी मौत की सजा को उम्रकैद में बदला जा सकता है.
 
बश्रा की मां उमा धनंजय ने कहा कि मुझे अभी तक ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है लेकिन पोपेर की सजा में नर्मी बरतने के लिए कहा जाएगा तो मैं इस प्रस्ताव को ठुकरा दूंगी. 
 
ऐसे हुई थी मुलाकात
पोपेर और मिनी धनंजय (बश्रा) की मुलाकात मटुंगा कॉलेज में मुलाकात हुई थी जिसके बाद वे एक-दूसरे को प्यार करने लगे और 2008 में उन्होंने शादी कर ली. रिपोर्ट्स के मुताबिक युवती ने अपना नाम शादी के बाद बश्रा रखा था और 2009 में उन्हें एक बेटी भी हुई. 
 
पहले पहुंच गया था दुबई
रिपोर्ट्स के मुताबिक पोपेर नौकरी करने के लिए पहले ही दुबई चला गया था जहां उसने बतौर शॉप मैनेजर नौकरी शुरु की थी. इसके बाद बश्रा वहां दो साल बाद अपनी बेटी के साथ पहुंची. इसके तीन साल बाद पोपेर ने बेटी को अपने माता-पिता के पास भेज दिया.
 
रिश्तों में आ गई थीं दरार
युवकी की मां उमा के मुताबिक उसे इस बात का जरा भी विश्वास नहीं था कि पोपेर उसकी बेटी को जान से मार देगा. उन्होंने कहा कि मेरी बेटी शादी-शुदा जिंदगी में जो भी होता था वह कभी मुझे नहीं बताती थी. लेकिन उसके साथ बहुत कुछ गलत हो रहा था. उन्होंने कहा कि मेरी बेटी की मौत हुई है इसलिए पोपेर को भी मौत की सजा ही दी जानी चाहिए.