जेद्दा. ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम में भारी कमी से परेशान सऊदी अरब ने 98 अरब डॉलर के बजट घाटा की भरपाई के लिए देश के अंदर पेट्रोल-डीजल और दूसरे पेट्रोलियम उत्पादों के दाम में 40 परसेंट तक की बढ़ोतरी कर दी है. सऊदी अरब की कोशिश है कि घाटे की कुछ भरपाई इससे कर ली जाए.
 
ग्लोबल मार्केट में कच्चा तेल इस समय 40 डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे बिक रहा है जिसका सऊदी अरब समेत दूसरे तेल उत्पादक देशों की अर्थव्यवस्था पर बहुत गहरा असर पड़ा है. एक समय था जब कच्चा तेल 140 डॉलर प्रति बैरल तक चला गया था. ऐसे में सऊदी अरब का बजटीय घाटा इस समय बढ़कर 98 अरब डॉलर हो गया है.
 
सऊदी अरब के इतिहास में यह सबसे बड़ा बजट घाटा है. हालांकि ये घाटा उतना बड़ा भी नहीं है जितने का अनुमान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने लगाया था. आईएमएफ का अनुमान था कि सऊदी अरब का बजट घाटा 130 बिलियन डॉलर का होगा.
 
2014 से इस समय तक कच्चे तेल के दाम में 60 परसेंट की कमी आ गई है जिसकी वजह से सऊदी अरब की कमाई बहुत कम हो गई है. सऊदी अरब की तमाम आय का 80-90 फीसदी हिस्सा तेल से होने वाली कमाई ही है.