मॉस्को. आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के अफगानिस्तान में बढ़ते प्रभाव से घबराकर रूस ने अपने पुराने दुश्मन आतंकी संगठन अल कायदा का हाथ थामने की घोषणा की है. रूस का कहना है कि ISIS के खिलाफ जारी लड़ाई में अल कायदा के साथ ख़ुफ़िया सूचनाएं शेयर की जाएंगी.
 
रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने प्रेस कांफ्रेंस कर घोषणा की है कि रूस ने अल कायदा के साथ किसी तरह का गठबंधन नहीं किया है. हालांकि ISIS के खिलाफ जारी लड़ाई में अल कायदा के साथ इंटेलिजेंस इनपुट शेयर किए जाने का फैसला लिया गया है. हालांकि अल कायदा के प्रवक्ता ने रूस के साथ इस तरह के किसी भी सूचना के आदान-प्रदान या समझौते से इनकार कर दिया है.
 
अफगानिस्तान में बढ़ रही है ISIS की ताकत 
अमेरिकन सेना ने कुछ ही महीनों पहले कांग्रेस को बताया है कि अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट की ताकत बढ़ती जा रही है. एक अनुमान के मुताबिक इस वक़्त अफगानिस्तान में IS के 3000 से ज्यादा लड़ाके मौजूद हैं. सीरिया के बाद अफगानिस्तान और इराक में इस्लामिक स्टेट की ताकत के बढ़ने से रूस ख़ासा परेशान नज़र आ रहा है. 
 
रूस का पड़ोस भी हो रहा है अशांत
बता दें कि कभी सोवियत संघ का हिस्सा रहे किर्गिस्तान, कज़ाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान में मौजूद मुस्लिम युवक भी इस्लामिक स्टेट कीई तरफ आकर्षित होने लगे हैं. यह पूरा इलाका रूस का प्रभाव क्षेत्र माना जाता रहा है और रूस को डर है कि अगर इस इलाके तक इस्लामिक स्टेट की पहुंच हो गई तो उसे एक नए सिरदर्द का सामना करना पड़ेगा.