नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत रूस संबंधों को ‘बहुत गहरा’ बताते हुए कहा कि रूस संकट की घड़ी में भारत के साथ चट्टान की तरह खड़ा रहा है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर विभिन्न मुद्दों पर भी उसने भारत का साथ दिया है.

‘फ्रेंड्स ऑफ इंडिया’ के एक समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने से दोनों देशों को मध्य एशिया में एक नई ताकत के तौर पर उभरने में मदद मिलेगी और यूरेशिया क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए उत्प्रेरक बनेगा.

पीएम मोदी ने भारत में अपने विरोधियों पर परोक्ष रूप से चुटकी भी ली. यहां उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमेशा समस्याओं की ही चर्चा करते हैं, जबकि उनकी सरकार समस्याओं को सुलझाने की दिशा में प्रयासरत है.

उन्होंने कहा कि हां, हम भी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन हम उनमें से नहीं हैं जो केवल समस्याओं का रोना रोएंगे. हम उन समस्याओं का हल तलाश रहे हैं जिनका हम सामना कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने यहां करीब 3000 लोगों को संबोधित करते हुए ये बातें कही.

आतंकवाद के बढ़ते खतरे के बारे में बोल रहे प्रधानमंत्री ने इस समस्या से निपटने के लिए वैश्विक समुदाय के एकजुट होने की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि 30 साल पहले जब आतंकवाद के पीड़ित भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर इस खतरे से निपटने के लिए जोर दिया था तो दुनिया इससे सहमत नहीं हुई थी.

पीएम मोदी ने कहा ‘लेकिन अब विभिन्न हिस्सों में आतंकवाद की क्रूरता से दुनिया दहल गई है. अब भारत दुनिया को यह समझाने में सफल रहा है कि यह समय की मांग है कि मानवता में विश्वास करने वाली सभी ताकतों को आतंकवाद के सफाये के लिए हाथ मिलाना चाहिए.