इस्लामाबाद. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपने मंत्रियों को भारत विरोधी बयान देने से मना किया है, ताकि शांति प्रक्रिया बाधित न हो. नवाज के करीबी एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को कोई भी ऐसा बयान नहीं देने के लिए कहा है, जिससे शांति प्रक्रिया में खलल पड़े.
 
‘द नेशन’ की रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी ने कहा, “पिछली बातों के बजाय अब शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने वाले बयान दिए जाएंगे. प्रधानमंत्री ने अपने सभी करीबियों और कैबिनेट के सदस्यों को शांति का प्रचार करने के लिए कहा है.” अधिकारी ने कहा कि नवाज भारत के साथ बेहतर संबंधों के प्रति आशावादी हैं, जिससे पूरे क्षेत्र को काफी फायदा मिलेगा. अधिकारी ने कहा कि नवाज भारत की ओर से इस बयान से काफी नाखुश थे कि वह पाकिस्तान के साथ चर्चा में उसके कब्जे वाले कश्मीर पर ही बातचीत करेगा, लेकिन प्रधानमंत्री जल्द ही समझ गए कि यह भारत सरकार की नीति नहीं है.
 
ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि नवाज और मोदी अगले साल जनवरी में स्विट्जरलैंड में मिलेंगे. दोनों नेता 20 जनवरी को दावोस-क्लोस्टर्स में होने वाले विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की 46वीं वार्षिक बैठक में हिस्सा लेंगे. विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान और भारत के बीच सभी मुख्य मुद्दों को सुलझाने के लिए की जाने वाली व्यापक वार्ता में सकारात्मक विकास हो रहा है.