कैलीफोर्निया. फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग के बाद गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भी अमेरिका में रह रहे मुसलमानों का समर्थन किया है. उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के बयान का विरोध करते हुए कहा कि समाचारपत्रों में ऐसे विचारों को सुनकर लगता है कि क्या धर्म के आधार पर समूह विशेष के लोगों के योगदान के बिना हमारा देश बेहतर होगा.
 
 
रिपोर्ट्स के मुताबिक पिचाई ने एक खुले खत में लिखा, ”यह सिर्फ अवसर की बात नहीं है. खुली सोच, सहनशीलता और नए अमेरिकी को स्वीकार करना मुल्क की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है और सबसे बड़ा गुण है.”
 
बता दें कि कुछ दिनों पहले अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार की दौड़ में शामिल डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमरीका में मुसलमानों के आने पूरी तरह रोक लगा देनी चाहिए.
 
डोनाल्ड ट्रंप ने एक सर्वे दिखाते हुए कहा कि अमेरिका के लोगों के प्रति मुसलमानों की नफ़रत देश को ख़तरे में डाल सकती है. उन्होंने कहा कि कई सर्वेक्षणों पर ग़ौर किए बिना भी ये बात साफ़ दिखती है कि उनकी नफ़रत की कोई तुलना नहीं की जा सकती. ये नफ़रत कहां से आई और क्यों आई, ये हमें तय करना होगा.