नई दिल्ली. देश के कई हिस्सों में सांप्रदायिकता की आग भड़कने की स्थितियां बनी हुईं हैं. इन्हीं में से एक पंजाब भी है जहां सिखों के पवित्र ग्रन्थ को जलाने की ख़बरों के बाद से तनाव बना हुआ है. खबर मिली है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI एक बार फिर पंजाब को आतंकवाद में धकेलने की कोशिश कर रही है. सूत्रों के मुताबिक इंटेलिजेंस ब्यूरो की अमृतसर यूनिट ने सभी जिलों की पुलिस को साजिश के बारे में अलर्ट भी भेजा था. इसके बावजूद इतने बड़े पैमाने पर हुई हिंसा को रोका नहीं जा सका.
 
क्या है मामला?
टीवी चैनल की वेबसाइट के मुताबिक पंजाब पुलिस के एक सीनियर अफसर ने सभी जिला पुलिस हेडक्वार्ट्स को एक लेटर लिखकर आईएसआई की साजिश के बारे में अलर्ट रहने को कहा था. यह लेटर आईबी की इन्फॉर्मेशन के बाद एक अक्टूबर को जारी किया गया था.  इस लेटर में कहा गया था कि आईएसआई आतंकियों के एक ग्रुप को सिख धर्म की बातें सिखाकर उन्हें हिंसा फैलाने के लिए पंजाब भेजने की साजिश रच रही है. लेटर के मुताबिक15-20 आतंकियों के एक ग्रुप को राज्य में भेजने की कोशिश की जा रही है. इस ग्रुप को मुंबई हमलों के मास्टर माइंड हाफिज सईद की देखरेख में ट्रेनिंग दी गई है. इन्हें पाकिस्तान के गुरुद्वारा साहिब में दो महीने तक सिख धर्म की बारीकियां समझाई गई हैं. इनके ट्रेनर का नाम रंजीत सिंह है जो खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स का चीफ है. 
 
क्या कर रही है पुलिस
हैरानी की बात यह है कि अलर्ट वाला यह लेटर मिलने के बाद भी पंजाब पुलिस हाथ पर हाथ रखे बैठी रही. नौ साल में बीजेपी-अकाली दल की सरकार में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर हिंसा हुई. मंगलवार को पंजाब पुलिस ने कहा कि उसने हिंसा के मामले में दो लोगों को फरीदकोट से अरेस्ट किया है. पुलिस के मुताबिक यह दोनों लोग दुबई और ऑस्ट्रेलिया में अपने हैंडलर्स के टच में थे. पुलिस ने ये भी साफ कर दिया कि इस हिंसा में विदेशी ताकतों का हाथ है. पुलिस के मुताबिक, हिंसा की घटनाएं सात जगहों पर हुईं और ये इन सभी के लिंक आपस में जुड़े हुए हैं. अरेस्ट किए गए दोनों आरोपियों ने बताया है कि वह धार्मिक आधार पर हिंसा भड़काना चाहते थे. पंजाब में मंगलवार को बीएसएफ तैनात कर दी गई है. अब तक कुल छह लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है.
 
कांग्रेस ने सरकार को लिया आड़े हाथ
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि ‘यह इंटेलिजेंस फेलियर है.. पहले दीनानगर और अब यह…पंजाब पुलिस लगातार फेल हुई है…इन्हे पंजाब की सुरक्षा से कोई लेना देना नहीं है.’ लेकिन बादल सरकार कह रही है कि वह जल्द ही विदेशी षड्यंत्र का फर्दाफाश करेगी. केंद्र सरकार में मंत्री और अकाली दल सांसद हरसिमरत कौर बादल ने दावा किया कि ‘इसके पीछे विदेशी ताकतें काम कर रही हैं, पंजाब का माहौल ख़राब करने के लिए. हम जल्दी ही सारा खुलासा करेंगे.’