नई दिल्ली. दादरी कांड के बाद गोमांस पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. पहले हत्या और अब गोमांस पर नेताओं के जहरीले बोल ने इस मुद्दे को राजनीति की ओर धकेल दिया है. बिहार चुनाव सिर पर हैं ऐसे में पक्ष-विपक्ष के नेता अपनी-अपनी राजनीति चमकाने के लिए और भी जहर उगल रहे हैं.

गोमांस की आग अब पूरे देश में फैल चुकी है ऐसे में राजनीतिक दल भला इस आग की लपटों से कैसे बच सकते हैं. इन बयानों से अब देश की जनता पर भी बुरा असर पड़ रहा है. कल तक साथ-साथ जीने वाले लोग अब एक-दूसरे के दुश्मन बनते दिखाई दे रहे हैं. माहौल सुधारने की बजाय माहौल को कौन बिगाड़ रहा है ये सवाल अब देश में बड़ी बहस में बदल गया है. नफरत की ये सियासत देश को कहां ले जाएगी ?