नई दिल्ली. कांग्रेस ने पहले ही धमकी दे दी थी कि ईडी के भगोड़े ललित मोदी की मदद करने वाली विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का इस्तीफा नहीं होगा, तो संसद नहीं चल पाएगी. कांग्रेस के हमले के जवाब में वित्त मंत्री अरुण जेटली से लेकर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह तक सुषमा स्वराज को क्लीन चिट दे चुके थे. ऐसे में मानसून सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों को कांग्रेस और बीजेपी ने अपनी जिद की राजनीति का अखाड़ा बना लिया. 

कांग्रेस और लेफ्ट फ्रंट सुषमा स्वराज का इस्तीफा मांग रहे हैं, तो बीजेपी पलटवार करने के लिए कांग्रेस नेताओं की पोल खोल रही है. अब देश में दोतरफा बड़ी बहस चल रही है कि सुषमा स्वराज के मामले में विपक्ष चर्चा से क्यों भाग रहा है ? और आरोपों के जवाब में आरोप लगाने से क्या बीजेपी के दाग धुल जाएंगे ?