नई दिल्ली. 2014 के चुनाव में मोदी ने अच्छे दिन लाने का वादा करके जनता से 60 महीने मांगे थे. लोगों ने मोदी के वादे पर एतबार किया और उम्मीद से ज्यादा बड़ा बहुमत दिया. लेकिन, अब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के एक बयान पर बवाल मच गया है.

कहा जा रहा है कि भोपाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं से अमित शाह ने कहा है कि सही मायने में अच्छे दिन 25 साल में आएंगे. अमित शाह के इस बयान के बाद विरोधी पार्टियां आरोप लगा रही हैं कि बीजेपी ने देश की जनता को धोखा देकर सत्ता हथियाया.

बीजेपी के प्रवक्ता सफाई दे रहे हैं कि अमित शाह का मतलब ये था कि भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए 25 साल का वक्त चाहिए. अब ये बड़ी बहस का मुद्दा है कि अमित शाह ने सचमुच अच्छे दिन के लिए 25 साल मांगे ? क्या देश के विकास के लिए 5 साल वाकई काफी नहीं हैं?