नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ की उफा में मुलाकात के बाद पाकिस्तान में कोहराम मच गया है. भारत और पाकिस्तान के बीच जब बात नहीं होती थी, तो दोनों तरफ सवाल उठते थे कि आखिर कब तक बात नहीं होगी.

अब जब बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ है, तो सवाल उठाए जा रहे हैं कि बात करने की जरूरत क्या थी. पाकिस्तान में पीपीपी और पीटीआई जैसी विरोधी पार्टियों को इस बात पर एतराज है कि नवाज़ शरीफ ने मोदी से मुलाकात में नरमी क्यों दिखाई ?

सवाल भारत में भी उठ रहे हैं कि जब पाकिस्तान का रवैया नहीं बदला, तो मुलाकात और बात का क्या मतलब ? राजस्थान सीमा पर पाकिस्तान ने नियमों के खिलाफ कैमरे लगाकर अपने मंसूबे जाहिर कर दिए हैं.

आज सरहद आर-पार में में इसी पर बहस की गई कि क्या पाकिस्तान के नेताओं को भारत से दोस्ती मंजूर नहीं ? कहीं इस बार भी बातचीत बंद करने के लिए कोई ना-पाक हरकत तो नहीं होगी?