सिडनी. वर्ल्‍ड कप जीतने से दो जीत दूर खड़ी भारतीय क्रिकेट टीम के अश्वमेधी अभियान में गुरुवार को सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के रूप में अब तक की सबसे कठिन चुनौती होगी और उसे हर विभाग में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा. छह सप्ताह पहले ही दोनों टीमें टेस्ट और त्रिकोणीय वनडे श्रृंखला में एक दूसरे से खेल चुकी हैं जिसमें माइकल क्लार्क की टीम का पलड़ा भारी रहा था. क्रिकेट के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज प्रतिद्वंद्विता और भारत-पाकिस्तान मुकाबलों के अलावा पिछले कुछ साल में भारत और ऑस्ट्रेलिया के मैच भी कम प्रतिस्पर्धी नहीं हुए हैं.

यह मुकाबला डेविड वार्नर की बल्लेबाजी और मोहम्मद शमी की गेंदबाजी का भी होगा, मिशेल स्टार्क की कहर बरपाती गेंदों और रनों के रूप में शरारे उगलते विराट कोहली के बल्ले का भी होगा, आर अश्विन की कैरम बाल और ग्लेन मैक्सवेल की आक्रामक बल्लेबाजी का भी होगा. सभी की नजरें कोहली पर होंगी जो पहले मैच में पाकिस्तान के खिलाफ शतक बनाने के बाद से एक अर्धशतक भी नहीं बना सके हैं. कोहली हालांकि दबाव में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में माहिर हैं और उनके पास यह सबसे बड़ा मौका है. सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर दोनों टीमें गुरुवार को एक दूसरे के आमने सामने होंगी तो यह मुकाबला कमोबेश बराबरी का होगा जिसमें पिछले प्रदर्शन मायने नहीं रखेंगे.

मौजूदा फॉर्म के आधार पर देखें तो भारत ने टूर्नामेंट में लगातार सात जीत दर्ज की है लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दोनों प्रारूपों में वह पिछले पांच मैचों  (दो टेस्ट, दो वनडे और एक अभ्‍यास मैच) में जीत दर्ज नहीं कर सका है जिसमें विश्व कप का एक अभ्‍यास मैच शामिल है. ऑस्ट्रेलिया दौरे के उस शर्मनाक प्रदर्शन का गम भारत ने वर्ल्‍ड कप में शानदार खेल दिखाकर दूर कर दिया. वर्ल्‍ड कप से पहले दिशाहीन लग रही टीम इंडिया का अचानक मानो कायाकल्प हो गया और उसके प्रदर्शन ने विरोधियों को भी चकित कर डाला. आम तौर पर भारत की कमजोर कड़ी मानी जाने वाली गेंदबाजी उसकी ताकत साबित हुई है. मोहम्मद शमी (17 विकेट), उमेश यादव (14) और मोहित शर्मा (11) मिलकर 70 में से 42 विकेट ले चुके हैं. भारतीय गेंदबाजों ने सात मैचों में पूरे 70 विकेट चटकाये हैं.