नई दिल्ली. जिस वक्त बगदादी के आतंकी इराक और सीरिया में दरिंदगी दिखा रहे थे, तब पाकिस्तान में बगदादी और उसके संगठन आईएसआईएस के समर्थन में दीवारों पर नारे लिखे जा रहे थे. पाकिस्तान में तालिबान के कई गुटों के आतंकियों ने बगदादी का झंडा थामा और पाकिस्तानी आर्मी के ऑपरेशन से पिंड छुड़ा लिया.

फिर, अफगानिस्तान में अचानक आईएसआईएस और तालिबान के बीच वर्चस्व की जंग शुरू हो गई. अब भारतीय फौज को भनक लगी है कि आईएसआईएस के आतंकी पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में डेरा डाल रहे हैं. चूंकि, पाकिस्तान की पॉलिसी रही है कि भारत और अफगानिस्तान में आतंकवादियों को स्ट्रेटजिक असेट की तरह इस्तेमाल किया जाए. तो क्या पाकिस्तान के लिए आईएसआईएस नया स्ट्रेटजिक असेट है? आज सरहद आर-पार में इस बात पर  बहस की गई कि क्या अब पाकिस्तान बगदादी के आतंकियों को भी पालेगा?