नई दिल्ली. पीएम नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार बार-बार अल्पसंख्यकों को ये यकीन दिला रही है कि उनकी सरकार में उन्हें डरने की जरुरत नहीं है, लेकिन हाल ही में चर्च पर हुए हमले और हिंदू संगठन के विवादित बयानों से अल्पसंख्यक समुदायों  में डर घर कर गया है. जयपुर में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड की बैठक इस नतीजे पर पहुंची है कि मोदी की सरकार में अल्पसंख्यक में डर है. जबकि गृहमंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि सेवा भाव के बदले धर्म परिवर्तन सही नहीं है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या वाकई में अल्पसंख्यक समुदाय में डर है या समाज को बांटने वाले कुछ लोगों के लिए मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है.  गृहमंत्री राजनाथ सिहं को भी मोहन भागवत की बात सच क्यों लगने लगी है?