नई दिल्ली. मैगी में घातक लेड और जानलेवा एमएसजी की मात्रा मानक से कई गुना ज्यादा है. ये सच्चाई सामने आने के बाद देश के करीब एक दर्जन राज्यों में मैगी पर पाबंदी लगा दी गई है. मैगी बनाने वाली मल्टीनेशनल कंपनी नेस्ले अब भी सफाई दे रही है कि उसके प्रोडक्ट में कोई खामी नहीं है. लेकिन, सरकारी जांच रिपोर्ट के आधार पर देश में कई जगह मैगी और मैगी बेचने वाले फिल्म स्टार्स पर केस दर्ज़ हो चुके हैं.

मेगास्टार अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित और प्रीति ज़िंटा को भी लोग मैगी के निर्माताओं के बराबर ही जिम्मेदार मान रहे हैं, क्योंकि इन सितारों ने मैगी का बखान करके लोगों को आकर्षित किया. अमिताभ कह रहे हैं कि उन्होंने दो साल पहले ही मैगी से नाता तोड़ लिया था. प्रीति जिंटा 12 साल पहले नाता तोड़ने की दलील दे रही हैं. लेकिन, सवाल ये है कि अपनी फिल्मों में डिस्क्लेमर दिखाने वाले इन स्टार्स ने मैगी का प्रचार करते समय ये क्यों नहीं बताया कि वो बिना जाने-बूझे मैगी को हेल्दी बता रहे हैं ? क्या किसी प्रोडक्ट के बारे में पूरी तसल्ली किए बिना उसका विज्ञापन करना ठीक है ?