नई दिल्ली. पाकिस्तान में एक बिना बैंक अकाउंट वाले सांसद हैं, जो कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी के अध्यक्ष भी हैं. उन्होंने भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी सैयद सलाहुद्दीन की पैरवी में राजनीतिक और कूटनीतिक शराफत की सारी हद पार कर दी. सिराज उल हक नाम के इस पाकिस्तानी सांसद ने मोदी को पकड़ने वाले को सौ करोड़ रुपये इनाम देने का एलान किया, जिस पर नवाज़ शरीफ की सरकार खामोश है. 

सिराज उल हक ने पाकिस्तान के उन सभी लोगों को गद्दार बता दिया, जो भारत से दोस्ती बढ़ाने की बात करते हैं. पाकिस्तान की सरकार इस पर भी खामोश है. अब ये बड़ी बहस का मुद्दा है कि पाकिस्तान के सांसद भी अब खुलेआम मोदी के खिलाफ ज़हर क्यों उगल रहे हैं ? क्या नवाज़ शरीफ ने कट्टरपंथियों के आगे पूरी तरह से घुटने टेक दिए हैं ?