नई दिल्ली. आमतौर पर राज्यों के मुख्यमंत्री जनता की दिक्कतें सुनने के लिए जनता दरबार लगाते हैं. दिल्ली में जब अरविंद केजरीवाल पहली बार मुख्यमंत्री बने थे, तब उन्होंने भी जनता दरबार लगाने की कोशिश की थी. बाद में जब मोदी प्रधानमंत्री बने, तो उन्होंने रेडियो पर मन की बात कहनी शुरू की. जिसमें वो आम लोगों की चिट्ठियां पढ़ते हैं और उनका जवाब भी देते हैं. 
 
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अब चौतरफा राजनीतिक विवादों में घिरे अरविंद केजरीवाल ने भी जनता के साथ संवाद के लिए एक वेबसाइट बनवाई है. टॉक टु एके नाम की इस वेबसाइट का आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार खूब प्रचार भी कर रही है. लोगों को ऐसा ना लगे कि ये मन की बात की नकल है, इसके लिए प्रचार किया जा रहा है कि केजरीवाल दोतरफा संवाद करेंगे.
 
आम आदमी पार्टी का दावा है कि टॉक टु एके में करीब 15 हज़ार लोग अपने सवाल दर्ज़ करा चुके हैं, जिसमें से काफी संख्या गुजरात और पंजाब के लोगों की है. इस शो को संगीतकार विशाल डडलानी होस्ट करने वाले हैं.
 
जनता से केजरीवाल के सीधे संवाद के बीच होस्ट की क्या ज़रूरत है, ये किसी को पता नहीं. अखबारों में विज्ञापन, सोशल मीडिया और मोबाइल पर एसएमएस के जरिए लोगों से कहा जा रहा है कि वो केजरीवाल से फोन या एसएमएस के जरिए सीधे सवाल पूछ सकते हैं.
 
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केजरीवाल के इस कार्यक्रम पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं कि राजनीतिक संवाद के लिए सरकारी पैसा क्यों फूंका जा रहा है ? इंडिया न्यूज के खास शो ‘टुनाइट विद दीपक चौरसिया‘ में इसी अहम मुद्दे पर पेश है बड़ी बहस.
 
वीडियो पर क्लिक कर देखिए पूरी बहस