नई दिल्ली. केंद्र सरकार के कस्टम विभाग की नौकरी में सलेक्ट हुए गोवा के एक शख्स से लिखित में हलफनामा मांगा गया है कि वो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या किसी गैर कानूनी संगठन का सदस्य नहीं है. RSS जैसी संस्था जब देश के संविधान के दायरे में रहकर काम कर रही है.
 
उस पर कोई कानूनी प्रतिबंध नहीं है तो फिर सरकारी नौकरी में इस तरह की शर्त क्यों लगाई जा रही है ? क्या संघ के सदस्य को नौकरी करने का अधिकार नहीं है ? इंडिया न्यूज के खास शो ‘टुनाइट विद दीपक चौरसिया’ में इसी अहम मुद्दे पर पेश है बड़ी बहस.
 
वीडियो पर क्लिक कर देखिए पूरी बहस