नई दिल्ली. अगस्ता वेस्टलैंड मामले पर राज्यसभा में सरकार पर पलटवार करने के बाद कांग्रेस ने आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर लोकतंत्र बचाओ मार्च निकाला. इसमें सोनिया गांधी से लेकर कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं ने केंद्र सरकार के साथ-साथ संघ पर भी तीखा हमला किया. क्या केंद्र सरकार का रिमोट संघ के हाथ में है? क्या सड़क पर सोनिया और राहुल की ललकार से कांग्रेस और देश की राजनीति बदलेगी? 
 
 
सोनिया गांधी ने अपने भाषण में कहा कि मोदी सरकार लोकतंत्र को नष्ट करने की कोशिश कर रही है लेकिन वह इसमें कामयाब नहीं होगी. उन्होंने कहा “मोदी सरकार ने लोकतंत्र पर बड़ा हमला किया है जिसमें उत्तराखंड-अरुणाचल की सरकार को गिराया गया है. साथ ही मोदी सरकार के झुठे वादे करके सत्ता हासिल की है साथ ही दो साल में सबकुछ बर्बाद कर दिया है.”
 
 
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को जंतर-मंतर पर ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च शुरू करने से पहले कहा, “देश केवल दो ही व्यक्ति चला रहे हैं- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत. जो कोई भी उनके खिलाफ कुछ भी बोलता है, उनपर झूठे आरोप लगा दिए जाते हैं. राहुल ने जंतर-मंतर पर कहा, “देश में इन दिनों दो ही लोगों की आवाज सुनी जाती है, नरेंद्र मोदी जी और मोहन भागवत जी.” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी की आलोचना करने वालों के खिलाफ केंद्र सरकार तमाम तरह के झूठे आरोप लगा देती है. 
 
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