मुंबई. शिंगणापुर में महिलाओं को शनि पूजा क्यों नहीं करनी चाहिए..? ये सवाल सनातन धर्म के सामने धर्मसंकट बन गया है. कई धर्मगुरु महिलाओं को शिंगणापुर में शनि पूजा का अधिकार दिलाने में जुटे हैं, लेकिन कुछ धर्मगुरु इसके सख्त खिलाफ हैं. 
 
द्वारका पीठ के शंकराचार्य कह चुके हैं कि महिलाएं शनि पूजा करेंगी, तो उनका अनिष्ट होगा. अयोध्या के रामलला मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास तो शंकराचार्य से भी एक कदम आगे बढ़ गए हैं. उनका दावा है कि महिलाओं को किसी भी देवता की पूजा करने से पहले पति की अनुमति लेना चाहिए, क्योंकि जो महिलाएं पति की मर्जी के बगैर पूजा करती हैं, वो विधवा मानी जाती हैं. 
 
इस विवादित बयान के बाद अब ये बहस बड़ी हो गई है कि क्या सचमुच पति की मर्जी के बगैर महिलाएं पूजा तक नहीं कर सकतीं ? क्या महिलाओं को दासी बनाकर रखना चाहते हैं कुछ धर्मगुरु ?
 
इंडिया न्यूज के खास शो ‘बड़ी बहस’ में इन्हीं सवालों पर आज होगी चर्चा.
 
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