नई दिल्ली. शनि सिंगणापुर मंदिर में महिलाओ के जाने पर रोक को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. मंदिर में महिलाओ के जाने पर रोक को लेकर विवाद के बीच मध्य प्रदेश के गृह मंत्री बाबूलाल गौर ने महिलाओं के शनि मंदिर जाने पर ही सवाल खड़ा कर दिया है.

इसी विवाद में शंकराचार्य के बयान के विरोध में संत ही आवाज उठा रहे हैं. कल शंकराचार्य ने ये कह दिया था कि शनि कोई देवता नहीं बल्कि एक ग्रह हैं जिन्हें बुलाने के लिए नहीं बल्कि दूर करने के लिए पूजा की जाती है.

बाबूलाल गौर ने मंदिर विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिलाएं अगर घर में ही पूजा कर लें तो बहुत है. संतों का एक वर्ग शनि देव को भगवान बता रहा है, तो कुछ संत शनि देव पर शंकराचार्य के बयान से सहमत हैं. हालांकि शंकराचार्य से अलग ज्यादातर साधु-संतों ने शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं को पूजा की इजाजत देने के समर्थन में हैं.

अब ये बड़ी बहस का मुद्दा है कि क्या पत्नी के बिना पुरुषों की शनि पूजा कैसे पूरी होगी ? क्या महिलाओं को शनि पूजा से रोकना संविधान के खिलाफ है ?

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